“पत्रकारों की व्यक्तिगत गुटबाजी पत्रकारिता के लिए घातक : कलम की घर तेज कर पत्रकारिता का स्तर उठाने की आवश्यकता”
“पत्रकारिता में बढ़ती गुटबाजी, राजनीतिक और कॉरपोरेट स्वार्थों के कारण इसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता को गंभीर रूप से खतरे में डाल रही है।” आलेख: डॉ राकेश वशिष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादकीय लेखक लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता को गुटबाजी से मुक्त होकर जनसरोकारों को प्रमुखता देनी चाहिए। कलम की धार तेज कर निष्पक्ष रूप से…

