माल्टा मकरैंण के साथ समाप्त हुआ माल्टा का महीना
माल्टा चला दिल्ली नाटक के साथ माल्टा के किसानों की उम्मीद का मंचन
माल्टा का साथ देने वाले साथियों का धाद ने किया सम्मान



हरेला गाँव धाद की पहल पर चल रही माल्टा का महीना अभियान माल्टा मकरैंण के साथ समाप्त हुआ। अभियान का परिचय देते हुए हरेला गाँव के संयोजक देवेंद्र नेगी ने कहा कि तीन बरसों से चल रहा पहाड़ के माल्टे को बाजार दिलवाने के अभियान को इस वर्ष निर्णायक सफलता मिली है और न केवल समाज और बाजार का साथ मिला बल्कि इसके साथ शासन भी खड़ा हुआ।
इस अवसर पर माल्टा को समाज में ले जाने वाले साथी, संस्थाओं और जन जाग्रति चेतना मंच, डॉ आर पी खुकसाल, बीरबान सिंह रावत, दगड़ियों का सवेरा, डॉ आशा रानी कपूर, गीता क्षेत्री, सुधांशु चौधरी, टिहरी विस्थापित विकास समिति, प्रदीप डिमरी, देवेंद्र कांडपाल, उर्मिला थापा, अपर सारथी विहार समिति, सरस्वती विहार समिति को सम्मानित किया गया।
इसके साथ हुए माल्टा चला दिल्ली नाटक में गाँव के एक बेरोजगार युवक की कहानी बतायी गयी है जिसकी रील वाइरल हो जाति है, लेकिन उसका कारण उसके बैकग्राउंड में माल्टा लगा है। उसके बाद उसका माल्टा गाजियाबाद और दिल्ली पहुँचता हैँ। जिसमें मीनाक्षी जुयाल, सुदीप जुगरान, पवन डबराल, विनोद गुसांईं, के साथ बाल कलाकार लक्ष्मी, जाह्नवी, सीता,
कनिष्का, दिव्यांशी,
अनन्या ने भी भूमिका निभाई।
इस अवसर पर अरविंद कपूर, डॉ आशा कपूर, ब्रिगेडियर के जी बहल, विनोद गुसाईं, सुनीता बहुगुणा, चन्द्र भागा शुक्ला, नीना रावत, सम्पत्ति त्रिवेदी, ममता डोभाल, प्रकाश नांगिया, देवेंद्र कांडपाल, आशा डोभाल, गणेश उनियाल, तपस्या सती, सुनीता देवी, कमल, अनुष्का, कल्पना बहुगुणा, विनोद धस्माना, मनोहर लाल, डॉ राजेंद्र कुकसाल, सोहन रावत, डॉ ज्योति, अमरीश राना, ललित, गीता छेत्री, हेमलता नेगी, उर्मिला ध्यानी, विवक घिल्डियाल, विजय जुयाल, राजीव पांथरी, सुशील त्यागी आदि उपस्थित रहे।

