डी.बी.एस. कॉलेज में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित
देहरादून
डी.बी.एस. महाविद्यालय, देहरादून में जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, यूथ रेड क्रॉस, स्काउट-गाइड तथा स्पेक्स स्मार्ट, राजपुर रोड के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रबंधन समिति सदस्य एवं यूथ रेड क्रॉस के आपदा प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि ई-लर्निंग और ऑनलाइन पढ़ाई के बढ़ते चलन के कारण डिजिटल उपकरणों का उपयोग अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे आँखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम, मायोपिया, आँखों में सूखापन, पानी आना और चश्मे का नंबर बढ़ने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने सभी से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल पाल ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल उपकरणों का उपयोग अनिवार्य हो गया है। लगातार स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे आँखों में दर्द, जलन, धुंधलापन, सिरदर्द और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने इनसे बचाव के लिए सावधानीपूर्वक उपयोग की सलाह दी।

शिविर संयोजक एवं रेड क्रॉस सोसाइटी प्रभारी डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आँखें मानव जीवन का अमूल्य उपहार हैं। वर्तमान समय में डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण उनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया गया, जिससे लोग समय रहते नेत्र संबंधी समस्याओं की जांच करा सकें।
स्पेक्स स्मार्ट के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अरविंद पाठक ने डिजिटल आई स्ट्रेन से बचाव के उपाय बताते हुए 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर 20 मिनट में 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखना चाहिए। साथ ही स्क्रीन से उचित दूरी बनाए रखें, बड़े स्क्रीन का उपयोग करें, ब्राइटनेस को संतुलित रखें, पलकें झपकाते रहें और बीच-बीच में ब्रेक लें।
शिविर के दौरान कुल 289 प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने निःशुल्क नेत्र जांच कराकर विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त किया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ. अजय श्रीवास्तव ने महाविद्यालय प्रशासन, सभी चिकित्सकों, सहयोगी संस्थाओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

