EVM-VVPAT को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्ती
देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड कार्यालय द्वारा EVM-VVPAT से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाओं का संज्ञान लिया गया है। इन अफवाहों के माध्यम से आम जनमानस को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, जो न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए हानिकारक है, बल्कि कानूनन दंडनीय भी है।

कार्यालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, जिसमें EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं, पूर्णतः भ्रामक एवं निराधार है। EVM मशीनें पूरी तरह सुरक्षित, विश्वसनीय और छेड़छाड़ रहित हैं।
भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा भी EVM की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को विभिन्न मामलों में मान्यता दी जा चुकी है।
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान:
प्रत्येक मतदान केंद्र पर उम्मीदवारों/एजेंटों की उपस्थिति में मॉक पोल कराया जाता है।
VVPAT के माध्यम से मतदाता अपने वोट की पुष्टि कर सकता है।
किसी भी शिकायत के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया मौजूद है।
इसके अतिरिक्त, निर्वाचन के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू रहती है। अब तक किसी भी स्तर पर EVM में गड़बड़ी की कोई प्रमाणित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
कार्यालय ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

