युवा दिवस पर अनूठी पहल: माता अनुसूया मार्ग पर चला सफाई अभियान, बाल कवि ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
उत्तराखंड संचार ब्यूरो ( चमोली)
युवा दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। माता अनुसूया के मुख्य मार्ग पर बाल कवि कार्तिक तिवारी के नेतृत्व में स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से न केवल साफ-सफाई की गई, बल्कि कविताओं के जरिए लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी किया गया।
कार्तिक तिवारी ने अनसूया मार्ग पर जगह-जगह पड़े प्लास्टिक कचरे—जैसे कुरकुरे चिप्स के रैपर, चॉकलेट व टॉफी के रैपर तथा पानी की खाली बोतलें—को एकत्र कर अपने थैले में भरकर घर लाया। इस दौरान उन्होंने बताया कि जंगलों में फेंके गए प्लास्टिक रैपर न केवल आसपास वनस्पति को पनपने से रोकते हैं, बल्कि नदी-नालों को प्रदूषित कर पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।
कार्तिक ने यह भी जानकारी दी कि एकत्र की गई प्लास्टिक बोतलों को वे रंग-पेंट कर पुनः उपयोग में लाएंगे। इन बोतलों से वे पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड तैयार करेंगे और अपने बगीचे के चारों ओर लगाकर पौध संरक्षण का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। यह पहल “कचरे से कंचन” की सोच को साकार करती है।




इस अवसर पर कार्तिक के साथ उनके पिता पर्यावरण प्रेमी सुधीर तिवारी तथा सिरोली गांव के विजय बिष्ट भी उपस्थित रहे। सभी ने इस प्रयास की सराहना करते हुए युवाओं से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
बाल कवि कार्तिक तिवारी की यह पहल निस्संदेह समाज के लिए प्रेरणा है, जो यह संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी प्रकृति की रक्षा की जा सकती है।

