सोशल मीडिया बना रोमांटिक रिश्तों के लिए खतरा: प्यार से ज़्यादा Likes हो रहे अहम

नई दिल्ली/देहरादून,
आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया जहां लोगों को जोड़ने का माध्यम बना है, वहीं यह धीरे-धीरे रोमांटिक रिश्तों को कमजोर भी कर रहा है। रिश्तों में प्यार, भरोसा और संवाद की जगह अब लाइक्स, कमेंट्स और फॉलोअर्स ने ले ली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली “परफेक्ट कपल इमेज” युवाओं के मन में अवास्तविक उम्मीदें पैदा कर रही है। लोग अपनी निजी ज़िंदगी की तुलना दूसरों के एडिटेड और फ़िल्टर किए गए पलों से करने लगे हैं, जिससे असंतोष, शक और तनाव बढ़ रहा है।
रिश्तों की निजी बातें सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर साझा करना भी एक बड़ी समस्या बन चुकी है। हर छोटी नोक-झोंक, मतभेद और भावनात्मक क्षण सोशल मीडिया पर आ जाने से रिश्तों को संभलने और समझने का समय नहीं मिल पाता।
इसके अलावा, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की लत ने पार्टनर्स के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ा दी है। साथ बैठकर बातचीत करने के बजाय लोग स्क्रीन में व्यस्त रहते हैं, जिससे आपसी संवाद और समझ प्रभावित होती है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाला फेक वैलिडेशन रिश्तों की असली गर्माहट को कम कर देता है। जब बाहरी प्रशंसा ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है, तो पार्टनर की अहमियत धीरे-धीरे घटने लगती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर सीमाएं तय करना, निजी पलों को निजी रखना और वास्तविक संवाद को प्राथमिकता देना बेहद ज़रूरी है।
निष्कर्षतः, सोशल मीडिया का संतुलित और समझदारी से किया गया उपयोग ही रिश्तों को बचा सकता है, वरना यह प्यार के बीच एक अदृश्य दीवार बनता जा रहा है।

