गांव की महिलाओं ने जंगल में आग लगाने वाले अराजक तत्व का पुतला फूंका
चमोली (उत्तराखंड):
उत्तराखंड के चमोली जिले के ग्वाड गांव के ऊपरी क्षेत्र में जंगल में लगी आग को कड़ी मशक्कत के बाद बुझाने के उपरांत समस्त ग्राम की मातृशक्ति ने जंगल में आग लगाने वाले अराजक तत्व के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए उसका पुतला दहन किया।
इस अवसर पर महिला मंगल दल की अध्यक्ष श्रीमती संतोषी कुंवर ने कहा कि जंगल केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों का भी प्राकृतिक आशियाना है। अराजक तत्वों द्वारा जंगल में आग लगाकर उनके आश्रय को नष्ट किया जा रहा है। जंगलों में आग लगने से वन्य जीवों का जीवन संकट में पड़ जाता है और वे भोजन व सुरक्षा की तलाश में गांवों की ओर रुख करने को मजबूर होते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
कार्यक्रम में महिला मंगल दल अध्यक्ष श्रीमती संतोषी कुंवर, ग्राम प्रधान गीता देवी, सरपंच कमला देवी सहित सुमन देवी, दीपा देवी, विंजू देवी, शोभा देवी, वंदना देवी, नन्दा देवी, पवित्रा देवी तथा श्री देवेंद्र सिंह बिष्ट, श्री पुष्कर सिंह बिष्ट सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।



वहीं दूसरी ओर तिलू रोतेली पुरस्कार-2022 से सम्मानित श्रीमती मीना तिवारी द्वारा माता अनसूया मार्ग पर लगी आग को बुझाने का सराहनीय कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि जंगलों में आग लगने से जड़ी-बूटियां नष्ट हो जाती हैं, जल स्रोत सूखने लगते हैं तथा वन्य जीवों का प्राकृतिक भोजन समाप्त हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने लगते हैं, जो भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रशासन से जंगलों में आग लगाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा वन संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

