करवा चौथ का व्रत : सुहाग की अखंडता का प्रतीक ! : चमोला
श्रीनगर गढ़वाल भारतीय संस्कृति अपने आप में बेजोड़ और अनुपम है। इसकी अपनी अलग पहचान है ।यहां नारी को अत्यधिक सम्मान की दृष्टि से देखा गया है। मनुस्मृति में कहा गया है -यत्र नार्येस्तु पूज्यंते,रमन्ते तत्र देवता। अर्थात जहां नारियों की पूजा होती है , वहां देवता निवास करते हैं। हिंदी साहित्य के छायावादी काव्यधारा…

