उत्तराखंड असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस का प्रदेश स्तरीय अधिवेशन देहरादून में सम्पन्न!
उत्तराखंड संचार ब्यूरो
देहरादून, 12 अक्टूबर:
उत्तराखंड असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) का प्रदेश स्तरीय अधिवेशन आज देहरादून स्थित राजीव भवन, प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डा. उदित राज ने शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री करण मेहरा ने की।अधिवेशन में पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत ने भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

मुख्य अतिथि डा. उदित राज ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी ही असंगठित मजदूरों, दलितों, पिछड़ों, और वंचित वर्गों की सच्ची हितैषी पार्टी है। उन्होंने कहा कि असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस पूरे देश में मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष कर रही है। डॉ. राज ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव, बस्ती-बस्ती जाकर असंगठित मजदूरों की आवाज बनें।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री करण मेहरा ने कहा कि उत्तराखंड में असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस ने प्रदेशभर में एक मजबूत संगठन के रूप में खुद को स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में आज मजदूरों और कर्मचारियों की सुनने वाला कोई नहीं है,

ऐसे में कांग्रेस ही उनकी सच्ची आवाज है।विशिष्ट अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में असंगठित मजदूरों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ चलाईं और उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा। उन्होंने प्रदेश संगठन की सराहना करते हुए कहा कि आज केकेसी उत्तराखंड में जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य कर रही है।कार्यक्रम में उत्तराखंड केकेसी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री श्री सुशील राठी ने कहा कि संगठन प्रदेशभर में असंगठित मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत है। उन्होंने भाजपा सरकार को चेतावनी दी कि यदि असंगठित मजदूरों का उत्पीड़न जारी रहा तो केकेसी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद श्री विकास चौहान ने किया।इस अवसर पर प्रदेशभर से सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें चौधरी करतार सिंह, वीरेंद्र चौधरी, सुंदर मनवाल, सेठपाल परमार, रईस अहमद, उम्मीद राम, प्रवीण सिंह कोरंगा, विजय पाल सिंह पवार, अयूब हसन, जतिन राणा, आशा थापा, मोनिका राजोरिया, मोहम्मद गुलफाम, एडवोकेट सुरेश यादव, कुलवंत सिंह, सुनील तिवारी, ओमप्रकाश जूझेलिया, नितेश राजोरिया, शकील मंसूर, सचिन गुप्ता, दिनेश बलिया सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।

