डिजिटल माध्यम से होगी आगामी जनगणना-2027; जिला सभागार में शुरू हुआ प्रशिक्षण
उत्तरकाशी, 26 फरवरी 2026
भारत की आगामी जनगणना-2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को जिला सभागार में अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र द्वारा जनपद स्तरीय अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों और सहायकों के लिए आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस अवसर संयुक्त निदेशक जनगणना निदेशालय उत्तराखंड शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि वर्ष 2011 के बाद होने वाली यह आगामी जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी, क्योंकि यह पहली बार शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी।


मुख्य बिंदु और समय-सारणी:
जनगणना का कार्य दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है:
प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं गणना):
राज्य में यह कार्य 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक चलेगा। प्रगणक घर-घर जाकर क्षेत्रीय सर्वेक्षण करेंगे।
स्व-गणना (Self Enumeration): जनता के लिए 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना):
यह मुख्य चरण 09 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा।
उत्तराखंड के हिमाच्छादित (बर्फबारी वाले) क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के तहत यह कार्य 11 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच ही संपन्न कर लिया जाएगा।
पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया:
इस बार जनगणना का कार्य पूरी तरह मोबाइल एप्लीकेशन आधारित होगा। प्रगणक (Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) अपने स्मार्टफोन से डेटा संकलन करेंगे।
CMMS पोर्टल: संपूर्ण संचालन, निगरानी और प्रबंधन के लिए ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ (CMMS Portal) का उपयोग किया जाएगा, जिसे जनगणना का ‘मस्तिष्क’ कहा जा रहा है।
चार्ज अधिकारी की भूमिका: प्रत्येक तहसील और नगर को एक ‘जनगणना चार्ज’ के रूप में चिह्नित किया गया है। चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जियो-टैगिंग, सीमाओं का निर्धारण और डेटा की सटीकता सुनिश्चित करें।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से डेटा की गुणवत्ता और संकलन की गति में सुधार होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम क्षेत्रीय प्रशिक्षकों (Field Trainers) को तैयार किया जाएगा, जो बाद में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्धता और पूर्ण कवरेज के साथ इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने के निर्देश दिए।
इस दौरान एसडीएम देवानंद शर्मा, ब्रजेश तिवारी, शालिनी नेगी, जिला शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल सहित तहसीलों के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, रजिस्ट्रार कानूनगो, नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारी एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा सांख्यिकी निदेशालय से कुलदीप चौधरी, धुर्वेंद्र कुमार वर्मा उपस्थित रहे।

