सिन्द्रवाणी क्षेत्र में गुलदार पिंजरे में कैद, वन विभाग को मिली बड़ी सफलता

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रुद्रप्रयाग
दिनांक: 06 फरवरी, 2026

फॉरेंसिक जाँच के लिए सैंपल WII देहरादून व पशुलोक ऋषिकेश भेजे गए

रुद्रप्रयाग जनपद के सिन्द्रवाणी क्षेत्र में बीते 3 जनवरी को हुई दुखद घटना, जिसमें एक पाँच वर्षीय मासूम बच्चे को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया था, के बाद से पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना हुआ था। घटना के तुरंत बाद जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं वन विभाग की विभिन्न टीमों द्वारा गुलदार की धरपकड़ के लिए व्यापक स्तर पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पिंजरे लगाए, ट्रैप कैमरे स्थापित किए गए है तथा विशेषज्ञ टीमों द्वारा लगातार क्षेत्र में निगरानी एवं सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में बीती देर रात्रि लगभग 10 बजे ककोड़ाखाल के समीप वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक मादा गुलदार (आयु लगभग 3-4 वर्ष) को कैद किया गया है। वन विभाग की टीम द्वारा उक्त गुलदार की पहचान सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) देहरादून तथा पशुलोक ऋषिकेश भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सिन्द्रवाणी की घटना में यही गुलदार शामिल था या नहीं।

उपप्रभागीय वनाधिकारी, अगस्त्यमुनि रेंज, देवेंद्र सिंह पुण्डीर ने जानकारी देते हुए बताया कि मादा गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद भी एहतियातन सिन्द्रवाणी क्षेत्र में अन्य स्थानों पर लगाए गए पिंजरे यथावत रखे गए हैं। साथ ही आधुनिक उपकरणों की सहायता से क्षेत्र में गुलदारों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। वन विभाग के कार्मिकों द्वारा निरंतर गश्त एवं सर्च अभियान जारी रखा गया है, ताकि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अनावश्यक रूप से रात्रि में बाहर न निकलें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें।


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