मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण बना जिला प्रशासन; विधवा शांति राणा को आर्थिक संबल, बेटी की शिक्षा कक्षा 12 तक सुनिश्चित
देहरादून | दिनांक: 03 फरवरी 2026
मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए कठिन परिस्थितियों से जूझ रही विधवा शांति राणा को आर्थिक एवं शैक्षिक संबल प्रदान किया है। पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद ऋण, बच्चों की जिम्मेदारी और आर्थिक तंगी से संघर्ष कर रही शांति राणा को जिला प्रशासन द्वारा सीएसआर फंड के माध्यम से 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है, जिससे उनका बैंक ऋण पूर्ण रूप से समाप्त हो गया है।


इसके साथ ही शांति राणा की 8वीं कक्षा में अध्ययनरत पुत्री अंशिका की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा सुनिश्चित करते हुए कुल 1.62 लाख रुपये की फीस एकमुश्त संबंधित स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई है। इस सहायता से व्यथित मां और बच्चों को भविष्य की चिंता से बड़ी राहत मिली है।
उल्लेखनीय है कि शांति राणा ने विगत नवम्बर माह में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान अपनी पीड़ा साझा की थी। उन्होंने बताया कि उनके पति मनबहादुर ने परिवार की आजीविका हेतु ई-रिक्शा क्रय करने के लिए 3,72,600 रुपये का बैंक ऋण लिया था, किंतु एक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके पश्चात परिवार में कोई आय का स्रोत नहीं बचा और तीन बच्चों—12 वर्षीय पुत्री अंशिका, 5 वर्षीय पुत्र अक्षय एवं एक किशोर पुत्र—के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी शांति राणा पर आ गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने उप जिलाधिकारी (न्याय) को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार त्वरित राहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। जांच उपरांत जिला प्रशासन द्वारा सीएसआर फंड से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
इसके अतिरिक्त शांति राणा को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है तथा संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों से आच्छादित किया जाए, ताकि परिवार को स्थायी आजीविका का साधन उपलब्ध हो सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के संवेदनशील और मानवीय मामलों में पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी और संकट की घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

