उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026: सफलता का ‘विजय मंत्र’वरिष्ठ शिक्षक डॉ. अखिलेश चन्द्र चमोला

📚 उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026: सफलता का ‘विजय मंत्र’
वरिष्ठ शिक्षक डॉ. अखिलेश चन्द्र चमोला (राजकीय इंटर कालेज, सुमाडी) ने
आगामी 21 फरवरी से इंटर और 23 फरवरी से शुरू होने वाली हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षाओं के लिए, राज्यपाल व मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित और स्वर्ण पदक विजेता डॉ. अखिलेश चन्द्र चमोला ने छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त होकर उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने हेतु निम्नलिखित रणनीतियाँ साझा की हैं:
🔍 1. पाठ्यक्रम का सूक्ष्म विश्लेषण (Micro-Analysis)
अंतिम समय की तैयारी ‘कठोर परिश्रम’ से अधिक ‘स्मार्ट वर्क’ की मांग करती है।
वेटेज (Weightage) पर ध्यान: प्रत्येक अध्याय के अंकों का विश्लेषण करें। जिस अध्याय से अधिक अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं, उसे प्राथमिकता दें।
ब्लूप्रिंट का अध्ययन: बोर्ड द्वारा जारी ब्लूप्रिंट को समझें। यह जानें कि कहाँ से वस्तुनिष्ठ (MCQs) प्रश्न आएंगे और कहाँ से दीर्घ उत्तरीय।
मजबूत पक्ष को सुरक्षित करें: जो विषय आपको सरल लगते हैं, उन्हें इतना पक्का कर लें कि वहां एक भी अंक कटने की गुंजाइश न रहे।
🧠 2. प्रभावी पुनरावृत्ति तकनीक (Active Recall)
केवल पढ़ने से बेहतर है, पढ़ी हुई सामग्री को याद रखने की तकनीक विकसित करना।
स्व-मूल्यांकन (Active Recall): एक विषय पढ़ने के बाद आँखें बंद कर उसे दोहराएं या किसी को समझाने का प्रयास करें।
रिवीजन साइकिल: वैज्ञानिक रूप से, किसी भी तथ्य को स्थायी स्मृति (Permanent Memory) में भेजने के लिए उसे 24 घंटे और फिर 7 दिन बाद दोहराना अनिवार्य है।
✍️ 3. उत्तर पुस्तिका का ‘प्रस्तुतीकरण’ (Presentation Skills)
परीक्षा में आपकी कॉपी ही आपकी पहचान होती है। एक व्यवस्थित उत्तर परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
कीवर्ड्स को हाइलाइट करना: मुख्य बिंदुओं और महत्वपूर्ण शब्दों को काले पेन से अंडरलाइन करें।
दृश्य सहायता (Visuals): विज्ञान, भूगोल और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में फ्लोचार्ट, डायग्राम और तालिकाओं का प्रयोग करें। इससे उत्तर की स्पष्टता बढ़ती है।
सटीकता: शब्द सीमा का उल्लंघन न करें। अनावश्यक विस्तार से बचें और सीधे मुख्य बिंदु पर आएं।
⏱️ 4. समय प्रबंधन और अभ्यास (Mock Tests)
अक्सर छात्र “समय कम पड़ गया” की शिकायत करते हैं, जिसका समाधान केवल अभ्यास है।
मॉक टेस्ट: घर पर ठीक 3 घंटे का माहौल बनाएं और पुराने प्रश्नपत्र हल करें।
सेक्शन टाइमिंग: परीक्षा हॉल में जाने से पहले तय कर लें कि किस खंड (Section) को कितना समय देना है। अंतिम 15 मिनट केवल पुनरीक्षण (Revision) के लिए रखें।
🌱 5. मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य
स्वस्थ मस्तिष्क ही श्रेष्ठ परिणाम दे सकता है।
पोमोडोरो तकनीक: लगातार 3-4 घंटे न बैठें। हर 50 मिनट के बाद 5-10 मिनट का ‘पावर ब्रेक’ लें।
डिजिटल डिटॉक्स: सोशल मीडिया से पूर्णतः दूरी बना लें। मोबाइल का प्रयोग केवल संदेह निवारण के लिए करें।
तनाव मुक्त रहें: पर्याप्त नींद लें और हल्का व्यायाम करें। तनाव याददाश्त का सबसे बड़ा शत्रु है।
➗ 6. कठिन विषयों से मित्रता
कॉन्सेप्ट क्लियरिटी: गणित और विज्ञान में रटने के बजाय सूत्रों के पीछे के तर्क को समझें।
विजुअल एड्स: महत्वपूर्ण सूत्रों, प्रमेय और ऐतिहासिक तिथियों का चार्ट बनाकर अपने अध्ययन कक्ष की दीवार पर लगा दें।
👨👩👦 अभिभावकों के लिए विशेष संदेश
डॉ. चमोला के अनुसार, परीक्षा केवल छात्र की नहीं बल्कि पूरे परिवार की होती है।
”इस समय छात्रों को आलोचना की नहीं, संबल की आवश्यकता है। घर का वातावरण सकारात्मक रखें और उनकी छोटी-छोटी कोशिशों को सराहें।”
डॉ. अखिलेश चन्द्र चमोला ने परिक्षार्थियों को शुभ संदेश: देते हुए कहा –
”प्रिय विद्यार्थियों, आपकी मेहनत का हर एक कतरा आपके स्वर्णिम भविष्य की नींव है। आत्मविश्वास के साथ परीक्षा का उत्सव मनाएं। सफलता आपकी प्रतीक्षा कर रही है।”

