चारधाम यात्रा को सशक्त बनाने में ओएनजीसी का महत्वपूर्ण सहयोग
‘रुद्रप्रयाग पुलिस को दिये तीन ड्रोन, डेटा कलेक्शन अपडेटेड कंप्यूटर व आधुनिक वायरलेस उपकरण’
देहरादून। चारधाम यात्रा तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) मुख्यालय देहरादून में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत ओएनजीसी प्रबंधन द्वारा रुद्रप्रयाग पुलिस को आधुनिक तकनीकी उपकरण प्रदान किए गए। यह सहयोग ओएनजीसी की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत किया गया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग अक्षय प्रह्लाद कोंडे, ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने ओएनजीसी प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सर्विलांस हेतु तीन ड्रोन, डेटा कलेक्शन के लिए अपडेटेड कंप्यूटर सिस्टम तथा आधुनिक वायरलेस संचार उपकरण चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा, निगरानी एवं आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।
इस अवसर पर ओएनजीसी द्वारा रुद्रप्रयाग पुलिस को ड्रोन (सर्विलांस हेतु), डेटा संग्रहण के लिए अपडेटेड कंप्यूटर तथा आधुनिक वायरलेस उपकरण सौंपे गए, जो आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
कार्यक्रम में ओएनजीसी की ओर से नीरज कुमार शर्मा प्रधान मानव संसाधन सेवाएं (एचसीए), चंदन सुशील साजन महाप्रबंधक/प्रभारी सीएसआर, अरूण मल्हौत्रा प्रबंधक सीएसआर, ओएनजीसियन ललित मोहन लखेड़ा तथा शिवालिक एजुकेशनल सोसाइटी के प्रमुख उत्तम सिंह रावत उपस्थित रहे।
रुद्रप्रयाग पुलिस की ओर से कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी रुद्रप्रयाग प्रबोध घिल्डियाल मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीरज कुमार शर्मा ने कहा कि ओएनजीसी सीएसआर के माध्यम से निरंतर जनकल्याणकारी कार्य कर रही है तथा पर्वतीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी एवं सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट सीएसआर के माध्यम से जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्राधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा ओएनजीसी प्रबंधन का आभार व्यक्त किया तथा रुद्रप्रयाग पुलिस की ओर से प्रधान मानव संसाधन सेवा, ओएनजीसी नीरज कुमार शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया ।
यह पहल चारधाम यात्रा के सुचारु संचालन के साथ-साथ आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, निगरानी एवं संचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

