15वें महाकौथिग का रंगारंग समापन, अंतिम दिन उमड़ी रिकॉर्ड भीड़
नोएडा।
नोएडा स्टेडियम में पिछले सात दिनों से आयोजित 15वें महाकौथिग मेले का आज भव्य और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ सफल समापन हो गया। समापन दिवस पर सुबह से लेकर देर शाम तक सांस्कृतिक गतिविधियों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। अंतिम दिन मेले में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी, जबकि पूरे सात दिनों में करीब ढाई से तीन लाख लोगों की सहभागिता रही।
समापन दिवस के सुबह के सत्र में उत्तराखंडी भजन-कीर्तन मंडली प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मनीषा सिंह, डीसीपी साइबर क्राइम, नोएडा ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने महाकौथिग के भव्य आयोजन की सराहना करते हुए उत्तराखंडी खान-पान, परिधान और संस्कृति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। प्रतियोगिता में 15 टीमों के 180 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। निर्णायक मंडल में पूनम बछेती एवं लोक गायिका स्वर कोकिला कल्पना चौहान रहीं।
प्रतियोगिता में एकता कीर्तन मंडली, तुगलकाबाद (दिल्ली) ने प्रथम, माँ नंदा सुनंदा कीर्तन मंडली, मयूर विहार (दिल्ली) ने द्वितीय तथा उत्तराखंड पहाड़ी बाँद कीर्तन मंडली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सुबह के सत्र का सफल संचालन एंकर आयुषी जुयाल ने किया।
शाम के सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि विजय कुमार रावल, डीजीएम, नोएडा अथॉरिटी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद लोक गायक रोहित चौहान ने “छोरी चंद्रा ज्यादा न शरमौ”, “धन सिंह की गाड़ी”, “बाँद सुषमा” जैसे लोकप्रिय गीतों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, लोक गायिका कल्पना चौहान ने “मन लगी गे मेरु पिंगली साड़ी मा”, “मारी जालू मैरा गढ़वाल मा बाघ लग्यु चा”, “बेडु पाको बरामसा” सहित अनेक सुपरहिट गीतों से समा बांध दिया। लोक गायिका हेमा भैंसोड़ा की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
समापन अवसर पर महाकौथिग की पूरी टीम का मंच पर सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्य संयोजक राजेन्द्र चौहान, संस्थापक कल्पना चौहान, चेयरमैन आदित्य घिल्डियाल, अध्यक्ष हरीश असवाल, संयोजिका इंद्रा चौधरी, मीडिया प्रभारी रजनी जोशी, सत्येंद्र नेगी, नीरज रावत सहित समस्त महाकौथिग टीम उपस्थित रही।



महाकौथिग के आयोजकों ने सभी अतिथियों, कलाकारों, प्रतिभागियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आयोजन करने का संकल्प लिया।

