विदेशी मदिरा की दुकान के बाहर तैनात पुलिस बल — सुरक्षा व्यवस्था या प्रशासनिक विडंबना?
उत्तराखंड संचार ब्यूरो
(वाइरल न्यूज)
ऋषिकेश शहर के एक प्रमुख मार्ग पर स्थित विदेशी मदिरा की दुकान के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी ने राहगीरों और आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दुकान के सामने पुलिसकर्मी न सिर्फ खड़े दिखाई दिए, बल्कि कुछ कुर्सियों पर बैठकर आपस में बातचीत भी करते नजर आए।

जहां एक ओर राज्य सरकार नशा मुक्ति और सामाजिक संयम को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का दावा करती है, वहीं इस तरह का दृश्य सामाजिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टियों से सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह से ही पुलिस बल दुकान के बाहर मौजूद था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि पुलिस की तैनाती किसी विशेष अभियान, निरीक्षण या सुरक्षा व्यवस्था के तहत की गई थी।
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने इस दृश्य को विडंबनापूर्ण बताया। लोगों का कहना है कि पुलिस बल को आमतौर पर सामाजिक नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और अपराध नियंत्रण जैसे कार्यों में व्यस्त देखा जाता है, लेकिन शराब की दुकान के बाहर इतनी बड़ी संख्या में तैनाती पहली बार देखी गई है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “जहां नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चल रहे हैं, वहीं पुलिस की मौजूदगी शराब की दुकान के बाहर एक अजीब संकेत देती है।”
राजस्व बनाम जिम्मेदारी
राज्य सरकारें शराब बिक्री से हर वर्ष अरबों का राजस्व अर्जित करती हैं, परंतु सामाजिक दृष्टि से यह हमेशा विवाद का विषय रहा है। एक ओर राजस्व की आवश्यकता है, दूसरी ओर समाज पर इसके प्रभाव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
उत्तराखंड संचार का निष्कर्ष
यह तस्वीर न केवल एक पल का दृश्य है, बल्कि यह प्रशासन और समाज दोनों से जुड़े एक बड़े सवाल को सामने लाती है —
क्या कानून व्यवस्था और सामाजिक नैतिकता साथ चल पा रही हैं?

