27 अक्टूबर से जनता बैठी है अनिश्चितकालीन धरने पर, पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन — सीमांत घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उठी जोरदार आवाज

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उत्तराखंड संचार ब्यूरो

घनसाली (टिहरी गढ़वाल)


विधानसभा क्षेत्र घनसाली में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदतर स्थिति को लेकर सर्वदलीय स्वास्थ्य संघर्ष समिति ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समिति ने मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को ज्ञापन भेजते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो 27 अक्टूबर से क्षेत्र की जनता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएगी।

समिति के अध्यक्ष रमेश वैलमा बड़ोनी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र घनसाली के अंतर्गत आने वाले वरदल स्वास्थ्य उपकेंद्र समेत कई स्वास्थ्य संस्थान वर्षों से चिकित्सकों की कमी और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं। ग्रामीण जनता को छोटे-छोटे इलाज के लिए भी 50–60 किलोमीटर दूर टिहरी या देहरादून तक जाना पड़ता है।

समिति के संयोजक प्रेम लाल अमोली व सदस्य जसवीर सिंह नेगी ने बताया कि वरदल स्वास्थ्य सुविधा की लापरवाही से पूर्व में कई मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए समिति ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें:

1️⃣ सीमांत क्षेत्र घनसाली में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति व सभी स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए।
2️⃣ पिपलोटी और बेलेश्वर के प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए।
3️⃣ सीमांत क्षेत्र जैलमांडा व जनकाण्डा में “उप-चिकित्सा केंद्र” की स्थापना की जाए।
4️⃣ वरदल स्वास्थ्य सुविधा में हुई लापरवाही से मृतकों के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
5️⃣ क्षेत्र में पोस्टमार्टम (विवेचना) केंद्र की स्थापना की जाए।

समिति ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित में है और जब तक सीमांत क्षेत्र को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ नहीं मिलतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।


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