संस्कृत छात्र प्रतियोगिताएं संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार के साथ-साथ छात्रों का मनोबल बढ़ाने में सहायक हैं।: डॉ घिल्डियाल।

Spread the love

विकास नगर। संस्कृत छात्र प्रतियोगिताएं छात्रों का मनोबल बढ़ाने में सहायक सिद्ध होती हैं क्योंकि इससे छात्रों के अंदर आपसी सौहार्द एवं आत्मविश्वास की वृद्धि होती है।

उपरोक्त विचार सहायक निदेशक शिक्षा/ संस्कृत शिक्षा डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने व्यक्त किये वह विकास नगर के भीमा वाला इंटर कॉलेज में विकास नगर ब्लॉक की खंड स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिताओं के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

सहायक निदेशक ने कहा कि प्रदेश की द्वितीय राजभाषा संस्कृत के प्रचार और प्रसार के उद्देश्य से संस्कृत अकादमी उत्तराखंड द्वारा आयोजित इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य जहां एक तरफ संस्कृत भाषा का प्रचार प्रसार करना है, तो दूसरी तरफ छात्रों के अंदर पारस्परिक स्पर्धा, सौहार्द एवं आत्मविश्वास की वृद्धि करना भी है, प्रतियोगिताओं की मार्गदर्शक खंड शिक्षा अधिकारी एवं संयोजक शिक्षकों की तैयारियों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक विद्यालय इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेंगे।

प्रतियोगिताओं की मार्गदर्शक खंड शिक्षा अधिकारी विनीता कठैत एवं संयोजक मनमोहन फ्लोरिया ने मुख्य अतिथि सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल का पुष्पगुच्छ ,फूलमाला और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में नाटक ,आशु भाषण, संस्कृत नृत्य, समूह गान, वाद विवाद और श्लोक उच्चारण यह छह प्रतियोगिताएं कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग में आयोजित की गई है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ सुनील अग्रवाल ने की संचालन बीएस चौहान ने किया मौके पर विकास खंड के लगभग 20 विद्यालयों की टीमों ने प्रतिभाग किया जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को 21 और 22 नवंबर को देहरादून में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *