“डॉ राकेश वशिष्ठ ने MDM अस्पताल में अपना 111 वा SDP रक्तदान कर गंभीर अवस्था के मरीज की जान बचाई”
रक्तदान महादान 🩸
जोधपुर। वरिष्ठ पत्रकार डॉ राकेश वशिष्ठ ने आपातकालीन परिस्थितियों में सूचना मिलने पर MDM अस्पताल में पहुंच गंभीर अवस्था के मरीज़ को SDP डोनेट कर अपना “111” वा रक्तदान पूर्ण कर मरीज़ की जान बचाई। आपको बता दें गत वर्ष डॉ. राकेश वशिष्ठ ने (किसी पत्रकार द्वारा सर्वाधिक 106 बार व्यक्तिगत रक्तदान करने का रिकॉर्ड) बनाया जिसे “एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, नेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, वर्ल्ड एक्सीलेंस ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड, यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड” द्वारा ऑफिशियल दर्ज कर वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय योगदान और अर्जित उपलब्धियों को देखते हुए डॉ वशिष्ठ समाज के प्रेरणा श्रोत बने हैं। बकौल डॉ वशिष्ठ जब तक ईश्वर स्वस्थ रखेंगे तब तक रक्तदान का यह सफर जारी रहेगा रक्तदान सभी को नियमित रूप से करना चाहिए रक्तदान करने से किसी तरह की कोई कमजोरी या चक्कर नहीं आते एक स्वस्थ मनुष्य 90 दिन के अंतराल से वर्ष में चार बार रक्तदान कर सकता है।
आपको बता दें डॉ राकेश वशिष्ठ द्वारा प्रतिदिन विभिन्न मुद्दों पर लिखे आलेख देश के अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय समाचार पत्रों, पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं आपने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में देहदान और अंगदान हेतु पंजीयन कर संकल्प लिया है और अभी तक लगभग 542 व्यक्तियों को प्रेरित कर उनका स्वैच्छिक देहदान अंगदान हेतु पंजीयन करवाया है।

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