अगस्त्यमुनि में भक्तों का हंगामा, गेट का आर्क तोड़ कर मैदान में पहुंची अगस्त्य ऋषि की डोली

रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में गुरुवार को मकर संक्रांति के पावन पर्व पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब अगस्त्य ऋषि की डोली को मैदान में प्रवेश से रोका गया। केदारनाथ हाईवे पर स्थित अगस्त्यमुनि में मंदिर से रवाना होकर डोली को अगस्त्यमुनि मैदान स्थित गद्दीस्थल तक पहुंचना था, लेकिन खेल विभाग द्वारा लगाए गए गेट के ऊपर बने आर्क के कारण डोली मैदान में प्रवेश नहीं कर सकी।
डोली के साथ सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जो मैदान में बेसब्री से डोली का इंतजार कर रहे थे। गेट बंद होने से आक्रोशित स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच काफी देर तक रस्साकस्सी चलती रही। लोगों ने इसे अपनी धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए गेट के ऊपरी हिस्से को स्वयं तोड़ दिया, जिसके बाद डोली मैदान में प्रवेश कर पाई।
डोली समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि लगभग 15 वर्षों बाद अगस्त्य ऋषि की डोली यात्रा का आयोजन किया गया है, जिसकी सूचना प्रशासन को पूर्व में दी गई थी। उनका आरोप है कि इसके बावजूद प्रशासन ने कोई समुचित व्यवस्था नहीं की। समिति और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भूमि पर स्टेडियम निर्माण किया जा रहा है, वह अगस्त्य ऋषि मंदिर से संबंधित है और यहां किया जा रहा निर्माण अवैध है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार 14 जनवरी को भी डोली मैदान में प्रवेश नहीं कर सकी थी, जिससे नाराज होकर डोली मंदिर लौट गई थी। उस दौरान केदारनाथ हाईवे पर लंबा जाम लग गया था। गुरुवार को गेट तोड़े जाने के बाद हजारों श्रद्धालु मैदान में पहुंचे और “मुनि महाराज की जय” के नारों से क्षेत्र गूंज उठा। इसके पश्चात करीब तीन घंटे से बंद केदारनाथ हाईवे पर लगा जाम भी खुल सका।

