गुलदार आतंक पर लगा विराम: महिला पर हमले के बाद ढांडरी में चिन्हित गुलदार ढेर

Spread the love

जिला प्रशासन और वन विभाग का सफल अभियान

पौड़ी/09 जनवरी 2026:
जनपद पौड़ी के नागदेव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढांडरी में गुलदार के हमले से लंबे समय से बनी दहशत का अंत करते हुए जनसुरक्षा के दृष्टिगत चिन्हित गुलदार को ढेर कर दिया गया है। नवंबर माह में महिला पर हुए जानलेवा हमले के बाद क्षेत्र में लगातार खतरे की स्थिति बनी हुई थी।

उल्लेखनीय है कि दिनांक 21 नवंबर 2025 को ग्राम ढांडरी निवासी भगवान देवी पर थलदार तोक क्षेत्र में घास काटते समय गुलदार ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद से क्षेत्र को मानव-वन्यजीव संघर्ष की संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए व्यापक निगरानी एवं सुरक्षा अभियान चलाया गया।

प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव ने बताया कि जिला प्रशासन तथा वन विभाग द्वारा गुलदार को सुरक्षित रूप से पकड़ने हेतु 05 पिंजरे, 15 ट्रैप कैमरे, 04 लाइव सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए तथा पगचिह्नों के माध्यम से लगातार निगरानी की गयी। ट्रैंक्युलाइजेशन के लिए सिविल सोयम वन प्रभाग पौड़ी, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग तथा राजाजी नेशनल पार्क की विशेषज्ञ टीमों का सहयोग लिया गया।

उन्होंने बताया कि सभी वैकल्पिक प्रयास विफल रहने और गुलदार की निरंतर आवाजाही से भविष्य में जनहानि की आशंका को देखते हुए, उच्च स्तर से प्राप्त अनुमति के क्रम में दिनांक 08 जनवरी 2026 की रात्रि लगभग 10:15 बजे विभागीय टीम द्वारा ग्राम ढांडरी क्षेत्र में चिन्हित गुलदार को शूट किया गया। साथ ही पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा मृत गुलदार का विधिवत पोस्टमॉर्टम कराया गया। उन्होंने बताया कि मारा गया गुलदार नर था, जिसकी आयु लगभग 10 वर्ष आँकी गयी है।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि जनपद में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुलदार हमले की इस गंभीर घटना के बाद वन विभाग, प्रशासन और विशेषज्ञ टीमों द्वारा सभी वैकल्पिक उपाय अपनाए गए, किंतु परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने हेतु यह कार्रवाई अंतिम विकल्प के रूप में की गयी। उन्होंने कहा कि प्रशासन मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर अत्यंत संवेदनशील है और प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी, त्वरित सूचना तंत्र तथा जनजागरुकता को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या वन विभाग को दें।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *