हिन्दू महासभा ने देशवासियों को दुर्गाष्टमी, नवमी, दशहरा और संघ स्थापना शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं दी – बी एन तिवारी

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नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने देशवासियों को दुर्गाष्टमी, नवमी, दशहरा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सनातन धर्म और हिन्दू राष्ट्र भारत के शुभ और कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व में नौदुर्गा का पूजन शक्ति के आह्वान से आसुरी शक्तियों के संहार और दशहरा पर्व असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि जेहाद और आतंकवाद रूपी आसुरी शक्तियां सनातन धर्म और हिन्दू राष्ट्र भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए निरंतर खतरा बनी हुई हैं। हिन्दू धर्म के नागरिकों को आजादी के बाद शस्त्र और शास्त्र विहीन करके इस खतरे को सत्तालोलुप दलों द्वारा बढ़ावा दिया गया। उन्होंने हिन्दू नागरिकों से दुर्गा अष्टमी, नवमी और दशहरा पर्व पर नौ देवियों से शक्ति का आह्वान कर देश और सनातन धर्म को जेहाद और आतंकवाद से मुक्त करवाने का आह्वान किया। यह जानकारी हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने दी। बी एन तिवारी ने बताया कि दशहरा पर्व के दिन ही अखिल भारत हिन्दू महासभा की युवा इकाई के रूप में सन 1925 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी। हिन्दू महासभा ने संघ को सशक्त बनाने और स्वतंत्रता संग्राम में संघ की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित करने के लिए हिन्दू महासभा के सदस्यता अभियान पर पूर्णविरम लगाकर केवल संघ का सदस्यता अभियान जारी रखा। संघ के प्रथम सरसंघचालक डॉक्टर बलिराम केशव हेडगेवार हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का जीवनपर्यंत दायित्व संभालते रहे। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर की प्रेरणा से संघ के माध्यम से हिन्दू नौजवानों को शस्त्र प्रशिक्षण देकर उन्हें ब्रिटिश सेना में शामिल किया गया। सुभाष चंद्र बोस द्वारा आजाद हिंद फौज के साथ दिल्ली चलो का नारा देने के बाद हिन्दू महासभा, वीर सावरकर और संघ के माध्यम से ब्रिटिश सेना में शामिल हुए हिन्दू सैनिकों ने विद्रोह का बिगुल बजाया तो ब्रिटिश हुकूमत को भारत को स्वतंत्र करने पर विवश होना पड़ा। राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने देशवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संघ का स्थापना शताब्दी वर्ष होने से दशहरा पर्व उत्सव का आनंद चौगुना हो जाता है। उन्होंने सरसंघचालक मोहन भागवत से संघ की विशुद्ध हिंदुत्व की विचारधारा पर वापस लौटने और मुस्लिम तथा ईसाई मंच प्रकोष्ठों को भंग कर भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को स्थापना शताब्दी वर्ष पर मोहन भागवत की यह घोषणा हिन्दू राष्ट्र निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध हो सकता है।


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